दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़, CBI ने दर्ज की FIR; हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई नई जांच

Law and Government Law and Government

Posted by admin on 2026-09-15 03:37:15 | Last Updated by admin on 2026-09-22 00:35:37

Share: Facebook | Twitter | Whatsapp | Linkedin Visits: 6


दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़, CBI ने दर्ज की FIR; हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई नई जांच


दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में करीब छह साल बाद बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में FIR दर्ज कर विशेष जांच टीम का गठन किया है। यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद हुई है, जिसमें CBI को जांच अपने हाथ में लेने और मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

2020 में हुई थी दिशा सालियान की मौत

दिशा सालियान बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक आवासीय इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने इसे Accidental Death Report (ADR) के तौर पर दर्ज किया था और जांच के बाद आत्महत्या की संभावना बताई थी। दिशा की मौत के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत भी मुंबई स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के बीच समय का अंतर होने के कारण इस मामले को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं।

हाईकोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाए सवाल

2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था। अदालत ने इस बात पर सवाल उठाया कि लगभग छह वर्षों तक जांच चलने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई। कोर्ट ने पुलिस जांच में कुछ ऐसी विसंगतियों का भी उल्लेख किया, जिनकी दोबारा गंभीरता से जांच जरूरी बताई गई।

अदालत ने मुंबई पुलिस को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड CBI को सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करने को भी कहा गया।

FIR में गंभीर आरोपों की जांच

Times of India के अनुसार, CBI की FIR में गैंगरेप, हत्या और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। दिशा के पिता के बयान के आधार पर FIR तैयार की गई है। इसमें कई लोगों के नामों का उल्लेख किया गया है, जिनकी भूमिका की जांच किए जाने की बात कही गई है। इनमें आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया और रिया चक्रवर्ती समेत कई अन्य नाम शामिल हैं।

हालांकि, किसी व्यक्ति का FIR में नाम या उसकी भूमिका की जांच में उल्लेख होना अपने आप में उसे आरोपी साबित नहीं करता। हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट किया था कि किसी व्यक्ति को तभी आरोपी माना जाना चाहिए, जब जांच के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त सामग्री से उचित संदेह पैदा हो।

अब CBI करेगी पूरे मामले की जांच

CBI ने इस मामले के लिए विशेष टीम बनाई है। अब एजेंसी घटनास्थल, मेडिकल और पोस्टमार्टम रिकॉर्ड, पुलिस दस्तावेजों तथा पहले की जांच से जुड़े तथ्यों की नए सिरे से पड़ताल करेगी। हाईकोर्ट ने भी कहा था कि अगर जांच में कोई आपराधिक मामला साबित नहीं होता है, तो CBI संबंधित अदालत में उचित रिपोर्ट दाखिल कर सकती है।

दिशा सालियान मामले में नई FIR के बाद अब जांच की दिशा एक बार फिर बदल गई है। हालांकि, मामले में अंतिम सच्चाई और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी का निर्धारण CBI की जांच और अदालत की आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।



Leave a Comment: