Posted by admin on 2026-09-15 03:35:38 |
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मौसम की स्थिति को देखते हुए गुजरात के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए येलो अलर्ट है। प्रशासन और लोगों को मौसम खराब होने की स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
गुजरात में इस मौसम प्रणाली का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा सड़कों पर यातायात प्रभावित होने और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ कुछ इलाकों में आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़ने के कारण कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश भी हो सकती है। लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
इस मौसम प्रणाली का असर दिल्ली-NCR, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ जगहों पर हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
दिल्ली-NCR में मौसम अलग-अलग इलाकों में अलग हो सकता है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के इलाकों में केवल बादल या हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार देश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा केरल, माहे, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना तथा तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं का भी अनुमान है। आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बारिश और तेज हवाओं के बीच किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जिन किसानों ने फसल काटकर खेत या खुले स्थान में रखी है, उन्हें उसे सुरक्षित स्थान पर रखने की कोशिश करनी चाहिए। खेतों में पानी जमा न हो, इसके लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करना भी जरूरी है।
खराब मौसम के दौरान सिंचाई और कीटनाशक का छिड़काव करने से बचने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने और गरज-चमक के समय कृषि मजदूरों को खुले खेतों में काम नहीं करना चाहिए। पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अलर्ट के दौरान लोगों को पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को जलभराव वाली सड़कों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
अगले 24 घंटे गुजरात और राजस्थान समेत कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। कम दबाव के क्षेत्र के आगे बढ़ने के साथ बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसलिए लोगों को स्थानीय मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने को प्राथमिकता देनी चाहिए।