Posted by admin on 2026-09-14 06:26:49 |
Share: Facebook | Twitter | Whatsapp | Linkedin Visits: 7
घटना गुरुग्राम के Magnum Global Park में हुई। रिपोर्ट के अनुसार, गुप्ता गुरुवार रात अपने परिवार के साथ एक रेस्टोरेंट में डिनर के लिए पहुंचे थे। परिवार को रेस्टोरेंट के पास उतारने के बाद वह अपनी कार पार्क करने के लिए जगह तलाश रहे थे।
गुप्ता की पुलिस शिकायत के मुताबिक, पार्किंग कर्मचारियों ने उन्हें अलग-अलग पार्किंग स्थानों की ओर भेजा। उन्हें कभी वैलेट पार्किंग, कभी बेसमेंट और कभी मल्टीलेवल पार्किंग की तरफ जाने को कहा गया। उनका आरोप है कि बाद में पार्किंग कर्मचारियों ने उनकी कार पार्क करने से इनकार कर दिया।
स्थिति तब बिगड़ गई जब वह कार को पीछे करने की कोशिश कर रहे थे। गुप्ता के अनुसार, एक पार्किंग कर्मचारी ने उनकी कार की विंडशील्ड पर कथित तौर पर वार किया। इसके बाद वह कार से बाहर निकले और इसका विरोध किया।
गुप्ता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर पार्किंग कर्मचारी लोहे की रॉड लेकर आया और उन पर हमला कर दिया। उनके अनुसार, रॉड से पहले उनके हाथ और फिर सिर पर वार किया गया। हमले के कारण उनके सिर से खून निकलने लगा और हाथ में भी गंभीर चोट आई।
गुप्ता का यह भी आरोप है कि हमलावर ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि घटना के समय वहां सुरक्षा कर्मचारी और अन्य पार्किंग स्टाफ भी मौजूद थे, लेकिन तत्काल मदद नहीं मिली।
हमले के बाद गुप्ता को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल ले जाया गया। उन्हें सिर और कोहनी के पास चोट लगी थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें Medanta Hospital ले जाया गया, जहां उनकी कोहनी की हड्डी को प्लेट की मदद से जोड़ने के लिए सर्जरी करनी पड़ी।
गुप्ता ने इस घटना को अचानक हुआ हमला बताया है। उनका कहना है कि हमला इतना तेजी से हुआ कि उन्हें खुद को बचाने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।
पूर्व वायुसेना अधिकारी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क किया था, लेकिन काफी समय तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। बाद में वहां मौजूद एक शेफ ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद स्थिति संभली।
गुप्ता ने अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि मेडिकल-लीगल केस (MLC) रिपोर्ट में उनके सिर से खून निकलने और कोहनी की चोट जैसी महत्वपूर्ण बातों का सही उल्लेख नहीं किया गया। हालांकि, ये सभी दावे फिलहाल गुप्ता की शिकायत और उनके बयान पर आधारित हैं।
गुप्ता ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपनी शिकायत में हमले को गंभीर अपराध बताते हुए मामला दर्ज करने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ऑपरेशन सफेद सागर वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण हवाई अभियान था। इसका उद्देश्य कारगिल क्षेत्र में ऊंचाई वाले इलाकों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी घुसपैठियों के खिलाफ भारतीय सेना के अभियान में हवाई सहायता देना था। ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता उस समय इस ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों में शामिल थे।
गुरुग्राम की यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था, कर्मचारियों के व्यवहार और विवाद की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती है। अब मामले में पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।